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बाल संस्कार केन्द्र की शुरूआत, 27 घुमन्तू बावरिया का प्रवेश

भरतपुर(नगर- डीग) । स्थानीय सीकरी रोड़ पर बसे घुमन्तू बावरिया बस्ती के बालकों को शिक्षा से जोड़ने के लिए बाल संस्कार केन्द्र की शुरूआत की गई। कस्बे के हाई स्कूल प्रांगण में बस्ती के बच्चों को शाम 4ः30 बजे से 6ः00 बजे तक पढ़ाया जाएगा। अनारदेवी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विधिवत मॉ शारदे की पूजा अर्चना कर बच्चों को तिलक लगा केन्द्र प्रारम्भ किया। केन्द्र पर 9 बच्चों का प्रवेश कराया गया, शेष बच्चों का प्रवेश भी प्रक्रियाधीन है। इस अवसर पर उपस्थित सभी 27 बच्चों को पाठ्य सामग्री का वितरण भी किया गया। इस केन्द्र पर बच्चों को शिक्षा देने के लिए जगवीर गुर्जर और मनीष कोली को शिक्षक नियुक्त किया गया है।
यह पहल सराहनीय है, सामान्य सुविधाओं से वंचित, शासन प्रशासन द्वारा प्राप्त होने वाले अधिकारों से कोसो दूर और अन्य समाजों द्वारा उपेक्षित घुमन्तू समाज को आवश्यकता है कि सारा समाज ऐसे समूहों को समझे, वर्तमान की उनकी समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में पहल करना जरूरी है। निश्चित ही संस्कृति परम्पराओं को संरक्षण करने वाला विविध कला कौशल का धनी और देश – समाज की रक्षा हेतु बलिदान देने वाला यह पुरूषार्थी जनसमूह किसी षडयंत्र का शिकार हुआ है।
गुलामी काल में अंग्रेजों के अत्याचारों का शिकार और आजादी के बाद कई दशकों तक शासनाध्यक्षों की अनदेखी के कारण एक विशाल जनसमूह विचार शून्य हो यायावर जीवन जीने को विवश था। पिछले कई वर्षो से इस समाज के सर्वांगिण विकास को दृष्टिगत रखते हुए घुमन्तू जाति उत्थान न्यास मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, दस्तावेजीकरण और स्थाई आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के लिए काम कर रहा है। राजस्थान के प्रत्येक जिला स्तर पर कार्यकर्ता इस जन समूह को भारतीय मुख्य धारा से जोड़ने का अथक प्रयास कर रहे है। जिसके सुखद परिणाम भी सामने आने लगे हैं।

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